क्या गर्भ में बच्चे को मूंगफली से एलर्जी हो सकती है?HealthPlanet

Posted on Fri 14th Oct 2022 : 14:52

गर्भावस्था का समय एक महिला के लिए अत्यंत ही सावधानी भरा और नाजुक होता है। इसलिए गर्भावस्था में क्या करें और क्या न करें, जैसी कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। खासकर भोजन के संबंध में तो बहुत ही सावधानी बरतनी पड़ती है। एक प्रेगनेंट महिला के लिए डॉक्टर द्वारा रिकमेंडेड डायट में आमतौर पर ड्राय फ्रूट्स और नट्स शामिल करने का सुझाव दिया जाता है। हालांकि, कई गर्भवती महिलाओं को इस बात की चिंता होती है कि मूंगफली खाने से उनके गर्भस्थ शिशु को मूंगफली से एलर्जी होने की संभावना बढ़ जाएगी।

क्या इसका मतलब यह है कि गर्भवती महिला को गर्भावस्था के समय मूंगफली बिलकुल नहीं खानी चाहिए? असल में ऐसा नहीं है, गर्भावस्था के दौरान मूंगफली खाने के फायदे और बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों को जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।
प्रचलित धारणा के विपरीत, मूंगफली खाना गर्भावस्था के लिए अच्छा होता है। मूंगफली में मौजूद नैचुरल फैट्स और प्रोटीन इसे हेल्दी बनाने के साथ साथ स्वादिष्ट भी बनाते हैं। इसकी लोकप्रियता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि न्यूट्रिशनल वैल्यू के आधार पर मूंगफली अन्य नट्स की तरह ही हेल्दी होती है। मूंगफली में मौजूद विटामिन (बी1, बी4, बी5, बी6, सी, ई) और कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और पोटेशियम जैसे विभिन्न खनिज इसे एक पौष्टिक नाश्ता बनाते हैं।

गर्भावस्था के दौरान मूंगफली खाना क्यों जरूरी है?

मूंगफली में पाई जाने वाली कैलोरी एनर्जी और ताकत प्रदान करती है। गर्भावस्था के दौरान मूंगफली खाना एक स्मार्ट च्वाइस है, क्योंकि प्रोटीन और फोलेट से भरपूर मूंगफली गर्भावस्था के समय ली जानेवाली आहार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होता है।

फोलिक एसिड और फोलेट जन्मजात अक्षमताओं और रीढ़ की हड्डी को नुकसान से बचाते हैं, जबकि प्रोटीन मां और उसके गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए जरूरी होता है।


मूंगफली से मिलने वाले फायदे

नैचुरल फैट और विटामिन (विशेषकर विटामिन बी और ई से भरपूर), मूंगफली शरीर को फ्लू और अन्य सामान्य बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदान करती है।

मूंगफली में मौजूद तेल स्किन से संबंधित समस्याओं को दूर करने में बहुत हेल्पफुल है। यह घावों और त्वचा की जलन के लिए एक प्राकृतिक इलाज के रूप में कार्य करती है।

स्वस्थ और मजबूत हड्डियों के लिए आहार में मैंगनीज को शामिल करने की सलाह दी जाती है। मूंगफली में मौजूद मैंगनीज की मात्रा गर्भस्थ शिशु में स्वस्थ हड्डियों का विकास करती है।
एनीमिया की शिकायत

मूंगफली में मौजूद फाइबर, कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए काफी फायदेमंद है। आंत्र की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए गर्भवती महिला इसे रोजाना थोड़ी मात्रा में खा सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान, गर्भवती महिलाओं को अक्सर एनीमिया की शिकायत हो जाती है। आपके शरीर को गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए ज्यादा मात्रा में खून का निर्माण करने की जरूरत होती है। इसके लिए अपने भोजन में आयरन की पर्याप्त मात्रा को शामिल करना जरूरी होता है। आयरन से भरपूर होने के कारण मूंगफली एनीमिया के इलाज के लिए एक आदर्श भोजन है।


​गर्भावस्था के दौरान मूंगफली एलर्जी के लक्षण

गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं को मूंगफली एलर्जी हो सकती है, जिसके लक्षण निम्नलिखित हैं:

दस्त या उल्टी
खांसी
गले में घरघराहट और सांस की तकलीफ
गला, जीभ और त्वचा पर खुजली या दाने
सूजे हुए होंठ और गला
बहती या बंद नाक
लाल, पीड़ादायक और आंखों में खुजली
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लक्षण है, इससे पल्स रेट में गिरावट आती है। यह लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
​गर्भवती महिलाओं में मूंगफली के साइड इफेक्ट्स

गर्भवती महिलाओं को मूंगफली खाने से कभी-कभी साइड-इफेक्ट भी हो सकते हैं, लेकिन इसके भी कई कारण होते हैं।

पुरानी और बासी मूंगफली न खाएं। यह फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकती हैं।
मूंगफली को गर्म और आर्द्र जगहों पर न रखें, इससे वे मोल्ड से प्रभावित होकर टॉक्सिक (विषाक्त) हो सकते है।
गैस्ट्राइटिस (पेट की परत की सूजन) होने पर मूंगफली खाने से पेट में जलन बढ़ सकती है।
मूंगफली में फैट की मात्रा बहुत होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। यदि आपका वजन ज्यादा है, तो मूंगफली न खाएं।




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